21वी सदी अगर चीन की कही जाए तो कोई हैरानी नही होगी । आधुनिक मशीनें , बेतहाशा प्राकृतिक स्त्रोतों का दोहन और और विकास के पथ पर अग्रसर चीन आज थम सा गया है । वजह है चीन के वुहान शहर से फैला "कोरोना वायरस" । आधिकारिक आकड़ो के अनुसार अब तक 59 व्यक्ति इसमे अपनी जान गवां चुके है और 2000 लोग संक्रमित हो चुके है जिनमे से 260 व्यक्ति मौत के मुँह के कगार पर खड़े है | इतने बड़े स्तर पर बीमारी का फैलना और उसे काबू करना चीन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है ।चीन को अपनी खाद्य सामग्री की विभिन्नताओं के लिए भी जाना जाता है । यहाँ आपको बिल्ली का गोश्त, गधे का गोश्त से लेकर बतख के मिट तक का खान पान मिल जाएगा । एक तथ्य के अनुसार ये भी मालूम चलता है कि चीन में सबसे ज्यादा बिल्लियों के मांस का सेवन किया जाता है , बाकयदा यह गोस्त के लिए बिल्लियों का पालन पोषण भी होता है । संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार आज मनुष्य पर अपने खान पान के बदलाव को लेकर अत्यंत दवाब है , वजह साफ है जिस तरह से मनुष्य जाति ने स्त्रोतों का दोहन किया जाए ,और कृषि को गर्त में धकेला है ,उसका खामियाजा मनुष्य को भुगतना ही होगा ।
सिकुड़ते कृषि जोत , सीमित उपजाऊ भूमि और उसका अंधाधुंध दोहन ने मनुष्य को जंगलो की तरफ धकेला है । बढ़ती जनसंख्या और इतने बड़े समुह के लिए खाद्य पदार्थो की व्यवस्था करना एक संसार व्यापी समष्या बन गई है । मतलब साफ है कि इंसान आदि काल से अंत तक जंगलो पर निर्भर था ,परंतु धीरे धीरे इसने वहाँ के जानवरों का भी सेवन शुरु कर दिया । बिना किसी अनुसंधान , न किसी रिसर्च और न प्रयोग के आज मनुष्य ऐसी ऐसी प्रजातियों का भी उपभोग कर रहा है जिसके शारीरिक बनावट से तो वो परिचित है परंतु भविष्य के बदलाव से अनभिज्ञ है ।ऐसा ही बदलाव "कोरोना वायरस " जैसे सक्रमण को जन्म दे रहा है ।
क्या है कोरोना वायरस ??
ज्ञात स्त्रोतों के अनुसार ये बीमारी चमगादड़ो से मनुष्यो में फैल रही है । खबरों के खबरों के खंडन और who के अनुसार मालूम चला है कि चीनी लोगो द्वारा चमगादड़ो से बने सुप का सेवन करने या सी-फ़ूड का सेवन बीमारी के मूल वजह में से एक है । मूलतः ये सी-फ़ूड से फैलता है । इसे मर्स-कोरोना (MARS-middle east respiratory syndrome corona-virus ) भी कहा जाता है । ये चीन से पूरे दक्षिण एशिया में फैलता जा रहा है ।
क्या ये एक संक्रमण रोग है ?? इसका असर किस अंग पर होता है ।
निसंदेह ये एक संसर्ग रोग है , जब भी कोई स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के कांटेक्ट में आता है ,ये वायरस स्वस्थ व्यक्ति को भी संक्रमित कर लेता है । प्राप्त जानकारी के अनुसार ये मनुष्य के स्वसन क्रिया ( respiratory process ) को प्रभावित करता है । ये वायरस निमोनिया और खराब किडनी का भी करना बनते देखा गया है ।
इसके लक्षणों में क्या क्या है ?
इसके लक्षणों में प्रमुखता से , सांस लेने में तकलीफ , बुखार का होना , सिर में दर्द ,जी मिचलाना और किसी किसी ने सीने में हल्के दर्द की भी शिकायत की है । ये बहुत तेजी से फैलता है । किसी के खाँसने से , छींकने से और हाथ मिलाने से भी फैल सकता है ।
वायरस स बचाव के क्या क्या उपाय है ?
जैसा कि ये वायरस संक्रमित होकर फैलता है , ऐसे लोगो के करीब जाने से बचे जिन्हें खांसी ,या जुकाम हो ,
* बहुत जरूरी हो तो ही लोगो से हाथ मिलाये । हाथ मिलाने के बाद साबुन से हाथ को अच्छी तरह से धोएं ।
* कही बाहर जाते वक्त फेस मास्क का उपयोग करे ।
* बाहर खुली हवा में रखे खाद्य पदार्थो का सेवन न का करे ।
* सुवरो या चमगादड़ो के परिवेश में न जाये ।
* अगर किसी को वर्णीत लक्षणों में से कुछ भी दिखाए दे तो वो तुरंत उसे डॉक्टर को दिखाए ।
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