हाल फिलहाल की घटनाओ को देखते हुवे हैदराबाद पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है । उसके अंतर्गत ये कहा गया है कि अगर आप जोड़ो (कपल) है तो ही नए वर्ष की पार्टी के लिए जाए ,एकल व्यक्ति को ऐसे समारोह में शामिल होने की इजाजत नही होगी । अब सवाल ये उठता है कि आखिर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध में कमी के लिए ये उपाय कितना कारगर होगा । जबसे सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन को कानूनी मान्यता प्रदान की है तब से अब तक न जाने कितने बलात्कार और शोषण के मामले एक साथी द्वारा दूसरे साथी पर लगाये गए है । फिर ये सिर्फ मनोवैज्ञानिक धारणा मात्र ही होगा या यूं कहें कि एक प्रयोग जो बिना धड़ और हाथ के है ।
दूसरा पक्ष ये है कि जब एक पुरुष एक महिला के साथ होता है तब उसे अपनी जिम्मेदारी का एहसास होता है ,ये बात कुछ हद तक सही भी है ,एक वैज्ञानिक रिसर्च में ये बात साबित भी होती है परंतु कितना दिलचस्प होगा कि ऐसे लोगो की तादात है ही कि कितनी, जो कुछ पल के लिए अपने अंदर बैठे जानवर को संभाल कर रखे सिर्फ इसलिए कि वो किसी महिला के साथ है । क्या किसी एकल पुरुष की कोई जिम्मेदारी नही । क्या वो समाज के सारे बंधनो और हया से परे है । घर के अंदर महिलाओ को शोषित करने वाले एक कुंठीत पुरुष को घर के बाहर संयमित रखने के लिए एक महिला चाहिए ,वाकई दिलचस्प है ये समाज ,यहाँ की कानून व्यवस्था और सबसे बड़ी यहाँ की रीतियां । जिसकी आबरू उतारते हो ,निवस्त्र करते हो ,उसी का सहारा लेकर मनोवैज्ञानिक तौर पर अपनी मर्यादा कायम रखना चाहते हो । धन्य हो आप ......
Disclaimer- Here All the views and thoughts are personal ,there is no any intention to hurt anyone ,if anybody feels so ,he would be responsible for himselp)
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